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What are some of the most common fertility challenges you see among couples visiting the Chandigarh centre?

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Dr Rakhi Goyal
Dr Rakhi Goyal

● चंडीगढ़ सेंटर में आने वाले कई दम्पति कई वर्षों से गर्भधारण की कोशिश कर रहे होते हैं। इनमें से कई दम्पति पहले भी अलग-अलग जगहों पर उपचार करा चुके होते हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट कारण या लंबे समय की सही उपचार योजना नहीं मिल पाती।
● सबसे सामान्य समस्याओं में एंडोमेट्रियोसिस, गंभीर पुरुष इनफर्टिलिटी, कम ओवेरियन रिजर्व, बार-बार IVF फेल होना और परिवार शुरू करने में देरी के कारण फर्टिलिटी से जुड़ी दिक्कतें शामिल हैं।
● उत्तर भारत में कई महिलाएँ लंबे समय तक पीरियड्स के दौरान तेज दर्द या अनियमित पीरियड्स जैसे लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज करती रहती हैं और फर्टिलिटी जांच तब कराती हैं जब गर्भधारण में कठिनाई आने लगती है।
● Birla Fertility & IVF Chandigarh में विस्तृत जांच के जरिए समस्या के मूल कारण को जल्दी पहचानने पर जोर दिया जाता है, ताकि बार-बार केवल लक्षणों के आधार पर उपचार करने के बजाय सही और प्रभावी उपचार योजना बनाई जा सके।
2. एंडोमेट्रियोसिस को अब फर्टिलिटी केयर में ज्यादा चर्चा मिल रही है। यह फर्टिलिटी को कितनी गंभीरता से प्रभावित करता है?
● एंडोमेट्रियोसिस बीमारी की गंभीरता और लंबे समय तक रहने के आधार पर फर्टिलिटी को कई तरह से प्रभावित कर सकता है।
● यह ओवेरियन रिजर्व, एग क्वालिटी, फैलोपियन ट्यूब्स की कार्यक्षमता, पेल्विक संरचना और एम्ब्रियो इम्प्लांटेशन को प्रभावित कर सकता है।
● इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कई महिलाएँ वर्षों तक पीरियड्स के दौरान होने वाले तेज दर्द को सामान्य मानती रहती हैं और मेडिकल सलाह तब लेती हैं जब गर्भधारण में समस्या शुरू हो जाती है।
● चंडीगढ़ सेंटर में एक महिला, जिनकी उम्र शुरुआती तीस के दशक में थी, गंभीर एंडोमेट्रियोसिस, दोनों ट्यूब्स में ब्लॉकेज, बहुत कम ओवेरियन रिजर्व और पहले की बीमारी व सर्जरी के कारण गंभीर पेल्विक एडहीशन्स के साथ सेंटर पहुंचीं। सेंटर आने तक उनकी एक ओवरी हट चुकी थी और दूसरी ओवरी भी एंडोमेट्रियोसिस से गंभीर रूप से प्रभावित थी।
● हिस्टेरो-लैप्रोस्कोपी, एडहीशन्स हटाने, बीमारी को नियंत्रित करने और डोनर एग IVF के बाद उन्होंने सफलतापूर्वक गर्भधारण किया और समय पर स्वस्थ जुड़वा बेटों को जन्म दिया।
● ऐसे मामले यह दिखाते हैं कि एंडोमेट्रियोसिस में जल्दी पहचान, लंबे समय तक सही प्रबंधन और समय पर फर्टिलिटी काउंसलिंग कितनी जरूरी है।
3. बार-बार IVF फेल होना भावनात्मक और मेडिकल दोनों रूप से कठिन होता है। ऐसे मामलों को कैसे संभाला जाता है?
● बार-बार IVF फेल होने की स्थिति में हर चरण की दोबारा समीक्षा करना जरूरी होता है, केवल उसी उपचार प्रक्रिया को दोहराना पर्याप्त नहीं होता।
● डॉक्टर्स को एम्ब्रियो क्वालिटी, स्पर्म फैक्टर्स, यूटरस की स्थिति, इम्प्लांटेशन टाइमिंग, हार्मोनल फैक्टर्स और पिछले IVF साइकिल्स की प्रतिक्रिया को दोबारा जांचना पड़ सकता है।
● Birla Fertility & IVF Chandigarh में बार-बार IVF फेल होने वाले दम्पति की चरणबद्ध तरीके से विस्तृत जांच की जाती है ताकि उन कारणों की पहचान की जा सके जो पहले के उपचार में सामने नहीं आए थे।
● ऐसे ही एक मामले में गंभीर पुरुष इनफर्टिलिटी से जूझ रहे एक couple को पहले IVF उपचार के बाद मिसकैरेज और बायोकेमिकल प्रेग्नेंसी का सामना करना पड़ा था। कई एम्ब्रियो ट्रांसफर के बावजूद गर्भावस्था बार-बार नहीं टिक पाई।
● चंडीगढ़ सेंटर में दोबारा जांच के दौरान हिस्टेरोस्कोपी, हार्मोनल ऑप्टिमाइजेशन, PGT-A टेस्टिंग और बाद में स्पर्म काउंट काफी कम होने पर PESA प्रक्रिया के जरिए स्पर्म रिट्रीवल किया गया। इसके बाद couple ने सफलतापूर्वक गर्भधारण किया और समय पर स्वस्थ बेटे को जन्म दिया।
4. गंभीर पुरुष इनफर्टिलिटी के मामलों में क्या बदलाव देखने को मिल रहे हैं?
● आज इनफर्टिलिटी के मामलों में पुरुष फैक्टर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और यह समस्या अलग-अलग उम्र के पुरुषों में देखी जा रही है।
● जांच के दौरान कम स्पर्म काउंट, कमजोर स्पर्म मूवमेंट, असामान्य स्पर्म संरचना और कुछ मामलों में वीर्य में स्पर्म का पूरी तरह न होना जैसी समस्याएँ सामने आ रही हैं।
● लाइफस्टाइल, धूम्रपान, तनाव, मोटापा, मेटाबॉलिक समस्याएँ, देर से परिवार शुरू करना और पर्यावरणीय कारण स्पर्म हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं।
● ICSI जैसी एडवांस तकनीक और PESA या TESA जैसी सर्जिकल स्पर्म रिट्रीवल प्रक्रियाओं की मदद से गंभीर पुरुष इनफर्टिलिटी वाले कई दम्पति सफलतापूर्वक गर्भधारण कर पा रहे हैं।
● आज सबसे बड़ा बदलाव यह है कि इनफर्टिलिटी को केवल महिला से जुड़ी समस्या नहीं माना जाता, बल्कि शुरुआत से ही दोनों पार्टनर्स की साथ में जांच जरूरी मानी जाती है।
5. बेहतर परिणामों के लिए पर्सनलाइज्ड फर्टिलिटी ट्रीटमेंट कितना महत्वपूर्ण है?
● पर्सनलाइज्ड फर्टिलिटी ट्रीटमेंट आज बेहद महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि एक जैसी समस्या होने के बावजूद हर व्यक्ति का उपचार के प्रति रिस्पॉन्स अलग हो सकता है।
● ओवेरियन रिजर्व, उम्र, पहले का उपचार, स्पर्म क्वालिटी, एंडोमेट्रियल हेल्थ और हार्मोनल रिस्पॉन्स जैसे कई फैक्टर्स हर चरण में उपचार योजना को प्रभावित करते हैं।
● Birla Fertility & IVF Chandigarh में उपचार योजना को लगातार couple की प्रतिक्रिया के अनुसार बदला जाता है, न कि सभी के लिए एक जैसा तरीका अपनाया जाता है।
● यह खासतौर पर बार-बार IVF फेल होने, गंभीर एंडोमेट्रियोसिस या कम ओवेरियन रिजर्व जैसे जटिल मामलों में बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
6. कम ओवेरियन रिजर्व या बढ़ती प्रजनन आयु वाली महिलाओं के लिए क्या विकल्प उपलब्ध हैं?
● कम ओवेरियन रिजर्व अब केवल अधिक उम्र की महिलाओं में ही नहीं देखा जाता। आजकल शुरुआती तीस या कभी-कभी बीस की उम्र की महिलाओं में भी यह समस्या सामने आ रही है।
● इसके पीछे एंडोमेट्रियोसिस, पहले की ओवरी सर्जरी, ऑटोइम्यून कारण, जेनेटिक कारण या बीमारी की देर से पहचान जैसे कई कारण हो सकते हैं।
● ओवरी की स्थिति के अनुसार उपचार में स्वयं के एग्स के साथ IVF या डोनर एग IVF शामिल हो सकता है।
● गंभीर एंडोमेट्रियोसिस या ओवरी को अधिक नुकसान होने की स्थिति में डोनर एग IVF गर्भधारण का बेहतर विकल्प बन सकता है।
● ऐसे मामलों में जल्दी फर्टिलिटी जांच और समय पर सही सलाह बेहद जरूरी होती है क्योंकि समय के साथ ओवेरियन रिजर्व लगातार कम होता जाता है।
7. चंडीगढ़ सेंटर भावनात्मक रूप से कठिन फर्टिलिटी यात्रा के दौरान दम्पति को कैसे सहयोग देता है?
● फर्टिलिटी उपचार में लंबे समय तक अनिश्चितता, कई उपचार चरण और भावनात्मक तनाव शामिल हो सकते हैं।
● चंडीगढ़ सेंटर में केवल मेडिकल उपचार ही नहीं, बल्कि काउंसलिंग, उपचार की स्पष्ट जानकारी और दम्पति को यह समझाने पर भी ध्यान दिया जाता है कि कौन-सा उपचार क्यों जरूरी है।
● बार-बार IVF फेल होने या जटिल फर्टिलिटी उपचार से गुजर रहे दम्पति को हर चरण में लगातार मूल्यांकन और वास्तविक मार्गदर्शन की जरूरत होती है।
● उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दम्पति पूरे उपचार के दौरान खुद को जानकारीपूर्ण, सहयोगपूर्ण और आत्मविश्वास के साथ महसूस करें, साथ ही उन्हें अपने क्षेत्र में ही एडवांस फर्टिलिटी केयर उपलब्ध हो सके।